न्यूमेरोलॉजी (अंक ज्योतिष) से जानिए अपने पिछले जन्म से जुड़ी कुछ रोचक बातें

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आने वाला कल

भविष्य में क्या होगा, हमारा आने वाला कल कैसा होगा, कल का दिन कैसा होगा, जिन मुश्किलों से हम आज जूझ रहे हैं क्या वो कल भी रहेंगी या फिर निरंतर बढ़ते रहेंगी.. हमारा कॅरियर कैसा रहेगा, लव-मैरेज होगी या अरेंज्ड… अकसर लोग ज्योतिष विद्या का सहारा अपने कुछ इन्हीं प्रश्नों को जवाब ढूंढ़ने के लिए लेते हैं।

ज्योतिष

ये बात शत-प्रतिशत सच है कि ज्योतिष की भिन्न-भिन्न शाखाओं की सहायता से आप अपने भविष्य की पड़ताल कर सकते हैं लेकिन ये विद्याएं आपका भविष्य ही नहीं अतीत भी बता सकती हैं..कभी इस बारे में आपने सोचा है।

अतीत

अतीत का आश्यक भाग बीता हुआ कल नहीं बल्कि आपका बीता हुआ जन्म है। क्या आपके भीतर कभी-कभी ये जानने की इच्छा नहीं होती कि आत्मा बार-बार जन्म ले सकती है तो फिर हमारा पिछला जन्म क्या रहा होगा?

ज्योतिष विद्या

अगर वाकई आप ये जानना चाहते हैं तो यहां आपके हर सवाल का जवाब मौजूद है। दरअसल ज्योतिष विद्या की एक शाखा, अंकशास्त्र के जरिए हम यह समझ सकते हैं कि पिछले जन्म में हम क्या रहे होंगे।

जीवन मार्ग

लेकिन इसके लिए सबसे पहले आपको अपने जीवन मार्ग का नंबर जांचना होगा। आपकी आत्मा का सफर किस मार्ग हो रहा है, इसका पता लगाने के लिए आपको अपने जन्म की तारीख और साल का जोड़ करना होगा।

आपका अंक

मसलन अगर आपका जन्म 26/6/1988 को हुआ है तो आपका अंक हुआ 40= 4 0 हुआ 4, तो मतलब आपका अंक है 4।

आंतरिक अंक

अपने जीवन मार्ग का नंबर जानने के बाद आपको जरूरत है उस अंक का पता लगाने की जो आपका आंतरिक अंक है, जिसका संबंध सीधे आपकी आत्मा के साथ है। आपके नाम में जितने भी वॉवल यानि स्वर हैं अब उन्हें जोड़िए।

स्वर का अंक

हर स्वर का अंक अलग-अलग है जैसे ए का अंक है 1, ई का अंक है 5, आइ का अंक है 9, ओ का अंक है 6 और यू का अंक है 3।

आंतरिक नंबर

मेरा नाम तमन्ना है तो मेरे नाम में 3 ‘ए’ आते हैं, तो इस हिसाब से मेरा आंतरिक नंबर हुआ 3।

पिछले जन्म का अंक

तीसरे पड़ाव में आपको अपने आंतरिक अंक और जीवन मार्ग के अंक को जोड़ना है। जैसे 4 3, यानि 7। मतलब मेरे पिछले जन्म का अंक है 7।

कनेक्शन

उम्मीद है अब तक आप सब कुछ जोड़-घटा चुके हैं और आपके पास आपका नंबर है। तो चलिए जानते हैं किस नंबर का पिछले जन्म से क्या कनेक्शन है।

 

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